उत्तर भारतीय सर्वाष्टकवर्ग कुंडली कैसे पढ़ें
पहले भाव और राशि पहचानें
उत्तर भारतीय chart में भावों की जगह स्थिर रहती है। ऊपर का मध्य हीरे जैसा खंड पहला भाव है। उसके बाद भाव वामावर्त चलते हैं। यहाँ हर खंड में भाव और राशि की छोटी labels हैं; बड़ा अंक SAV है। राशि 1 मेष और राशि 12 मीन है।
राशि क्रम बनाम भाव क्रम
ग्रह-बिंदु तालिका मेष से मीन राशि क्रम में है। chart लग्न से भाव क्रम में है। कन्या लग्न में छठी राशि पहला भाव बनती है। राशि के अंक को भाव संख्या मान लेने से पूरी व्याख्या गलत हो सकती है।
सबसे अधिक और सबसे कम
बारह अंकों में सबसे अधिक वाला भाव तुलनात्मक रूप से अधिक बिंदु वाला है। बराबर अंक हों तो सभी संबंधित भाव दिखते हैं। कम बिंदु वाले भाव को अनिवार्य नुकसान, बीमारी या दोष का प्रमाण न समझें। व्यावहारिक तैयारी और धैर्य पर ध्यान दें।
भावेश की स्थिति को जोड़ें
भाव का स्वामी किस भाव में बैठा है और वहाँ कितने बिंदु हैं, साथ देखें। उदाहरण के लिए दशम भावेश दूसरे भाव में हो तो काम और परिवार/बचत के विषयों का संबंध पढ़ा जाता है। इससे कोई एक पेशा या निश्चित आय सिद्ध नहीं होती।
सही जन्म समय जरूरी
लग्न और भाव जन्म समय व स्थान पर निर्भर हैं। जन्म समय अनिश्चित हो तो कुछ मिनट आगे-पीछे करके संवेदनशीलता समझें। केवल पसंदीदा परिणाम पाने के लिए जन्म समय बदलना सही तुलना नहीं है।
परंपरागत ज्योतिष, गारंटी नहीं।
गणना संदर्भ: BPHS tables (jyotishganit) · PyJHora
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